भीमकुँड - कहानी फ़ीरोजा पानी के रहस्य की


भीमकुँड - 
   
         भीमकुँड बुन्देलखँड .प्र. के छतरपुर जिले में स्थित हिन्दु धर्म एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है कहने को तो यह एक साधारण कुँड है लेकिन इतिहास के गर्त के अनेक रहस्य छुपाए होने के कारण इसकी मान्यता महिमा अद्भुत है नारद पुराण महाभारत काल में इस कुँड के निर्माण की मान्यताएँ आम जनों में व्याप्त हैं ग्रामीण जनजीवन में यह कुँड भौगोलिक परिवर्तनों भी सूचक है

Stairs toward kund from small entrance gate


पौराणिक
महत्व

भीमकुँड को लेकर पौराणिक मानयताएँ जनमानस में काफ़ी प्रचलित हैं . इसका नाम भी इन्ही मान्यताओं के चलते पडा है पहली महाभारत काल से सँबन्धित है जिसके अनुसार इस कुँड निर्माण पाँडव पुत्र भीम ने अपनी गदा से किआ था जिसके कारण आज भी यह कुँड भीमकुँड के नाम से जाना जाता है दूसरे मत के अनुसार जिसका सँबँध नारद पुराण से है विष्णु जी के कुँड से अवतरण से सँबँधित है जिसके कारण ही इसके पानी रँग नीला है इसीलिए कँही कँही इसका उल्लेख नीले कुँड के रूप में भी है

Kund view from entrance

पहली मान्यता -    
                    कहते हैं अज्ञातबास के दौरान पाँडवों ने कुछ समय यँहा के जँगलों में व्यतीत किआ और इस दौरान एक बार पाँडव पत्नी द्रोपती को बहुत जोर की प्यास लगी लेकिन दूर दूर तक कोई जलाशय सरोवर उपलब्ध नहीं था , तब नकुल और सहदेव ने जो की शोध करने में माहिर थे एक पहाडी के नीचे पानी होने के सँकेत दिएभीम ने अपनी गदा मार के उस पहाडी को तोडा और एक कुँड निर्माण किआ, तब से हि इस कुँड को भीमकुँड के रूप में मान्यता प्राप्त है

दूसरे मतानुसार -
                   नारदपुराण के अनुसार नारद जी ने अपने इष्ट श्री हरी विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए इस कुँड के पास तप शुरु किआ तब श्री हरी विष्णु ने इसी कुँड से प्रकट होकर नारद जी को दर्शन दिए उनके इस कुँड से प्रकट होने के कारण ही इस कुँड जल श्री हरी विष्णु की तरह फ़ीरोजा वर्ण (नीला) हो गया और आज तक है

Turquoise Water Kund

रोचक
तथ्य -

. अनँत गहराई - इस कुँड के बारे में जो सबसे रोचक बात है वह है इसकी गहराई जिसको आजतक कोई मापनें में सफ़ल नहीं हो पाया है

. नीला साफ़ पानी - कुँड के बारे में दूसरी अद्भुत बात है इसका नीला पानीइस पानी रँग हमेशा नीला ही रहता है साथ ही हररोज इतने श्रद्धालुओं के कुँड में डुबकी लगाने के बाद भी इसका पानी हमेशा स्वच्छ ताजा बना रहता है
. भौगोलिक परिवर्तनों सूचक - आम जन के लिए यह कुँड भौगोलिक परिवर्तनों भी सूचक हैएशिया महाद्वीप में जब भी कोई भौगोलिक परिवर्तन आए जैसे भूकँप , सुनामी तो कुछ घँटे पहले से ही इस कुँड से लहरें उठना शुरु हो जाती हैं२००४ की सुनामी के समय इस कुँड से १४ फ़ीट ऊँची लहरें उठी थी

Kund View


कैसे पहुँचे - 

            यह कुँड ॰प्र के छतरपुर जिले के बाजना ग्राम में स्थित है . छतरपुर जिला मुख्यालय से यह 77 किमी दूर बडामलहरा तहसील से 30 किमी की दूरी पर स्थित है मुख्य मार्ग से 10 किमी अँदर एक पतली सडक आपको भीमकुँड तक ले जाती है छतरपुर से टेक्सी आसानी से उपलब्ध है भीमकुँड के लिए हवाई मार्ग के लिए खजुराहो एयरपोर्ट सबसे पास है जो की मैंन साइट से 92 किमी की दूरी पर है दुर्भाग्यवस रैल मार्ग की कोई कनेक्टिविटी अभी उपलब्ध नहीं है

Small entrance gate to KUND 






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