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जराय का मठ

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  जराय का मठ - प्रवेश द्वार की पांच शाखाएं। भव्यता और आकर्षण ऐसा कि हर कोई खिंचा चला आए। पत्थरों से बने मंदिर की अद्भुत नक्काशी आप एकटक देखते रह जाएंगे। मूर्तिकला का अचंभित कर देने वाला लावण्य सोचने पर मजबूर कर देता है कि यह किन कारीगरों ने किस काल में रचा होगा। इस जगह से परिचय कराने के लिए हम आपको लिए चलते हैं जराय का मठ ।   Sign Board on road side                                       झाँसी म ​ ऊरानीपुर रोड पर पूर्व मुखित जराए क मठ प्रतिहार कालीन वास्तुकला के गौरवशाली अध्याय क लगभग 850 ई से लगातार साक्षी बना आ रहा है ! यह मँँदिर एक ऊँची चहारदीवारी के अँदर लगभग तीन फ़ुट ऊँचे चबूतरे पर पँचरत्न शैली में निर्मित है ! मँदिर के अँदर एक गर्भग्रह , अँतराल व अर्ध टूटा द्वार आज भी स्थित है । सामन्यत ​: हिन्दू मँदिरों के गर्भग्रह वर्गाकार होते हैं लेकिन इसके विपरीत यँहा क गर्भग्रह आयताकार आकार ...

योग - स्वास्थ्य के साथ करियर भी

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योग - स्वास्थ्य के साथ करियर भी   अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आस्तित्व में आने के बाद देश - दुनिया में योग को तेजी से अपनाया जा रहा है . भारत में योग के प्रति लोगों का रूझान तेजी से बढ़ता जा रहा है . लोग योग के शरीर और मस्तिष्क पर पड़ने वाले बेहतर और सकारात्मक प्रभाव के कारण इसे अपना रहे है . ऐसे में योग अब महज शरीर को स्वस्थ रखने का जरिया नहीं बल्कि एक व्यापक इंडस्ट्री बन गया है जिसमें करियर बनाने की बेशुमार संभावनाएं हैं .  यूं बनाएं करियर   इस फील्ड में करियर की शुरुआत 12 वीं के बाद और ग्रेजुएशन के बाद की जा सकती है . योग में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए कई डिग्री , डिप्लोमा और सर्टिफिकट कोर्स उपलब्ध हैं . बैचलर ऑफ आर्ट्स ( योग ), मास्टर इन आर्ट्स ( योग ), पीजी डिप्लोमा इन योग थैरेपी कोर्सेज की अच्छी डिमांड है . योगक एक्सपर्ट या नैचूरोपैथ के तौर पर करियर विकसित करना है तो साढ़े पांच साल का बैचलर ऑफ नैचुरोपैथी एंड योगि...