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Showing posts from March, 2016

औरछा (राम राजा की नगरी)

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औरछा (राम राजा की नगरी)  -                   मधुकर शाह महाराज की रानी कुँवर गनेश ,                       अवधपुरी से औरछा लाईं अवध नरेश ॥                   औरछा नगर को 16 वीं शताब्दी में बुँदेला राजा रुद्र प्रताप सिंह ने बसाया था , औरछा आने के लिए ट्रैन और बस दोनो आसानी से उपलब्ध हें , फ़्लाइट के लिए ग्वालियर (119 km) सबसे पास क एयरपोर्ट  हे । । ट्रैन से आने के लिए मध्य रैलवे के झाँसी जँ. पर उतरना होगा जो कि देल्ही से 6 घँटे की दूरी पर हे , देल्ही मुँबई रूट की सारी ट्रैन यहाँ रुकती हें । झाँसी से औरछा की दूरी 15 किमी होगी जिसके लिए झाँसी से बस और टेक्सी दोनो उपलब्ध हें । रुकने के लिए ओरछा में ही अच्छे होटल आसानी से मिल जाते हें । बुँदेलखँड के इतिहास में औरछा क अलग ही स्थान हे , यह नगर बुँदेला राजाओं की राजधानी हुआ करती थी । यँहा के महलों में मुगलों और राजपूतों दोनों की वास्तुकला क मिला जुला सँगम देखने को मिलता हे । यँहा प...

मथुरा गोवर्धन परिक्रमा

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मथुरा  गोवर्धन परिक्रमा -                   चलो सखी वहाँ जाइए जहाँ बसत गिरिराज ,                गोरख बेचत हरि मिलें एक पँत दोउ काज ॥           बचपन से यह आरती सुनता आ रहा हुँ और तब से ही मन में गिरिराज (गोवर्धन पर्वत) को देखने की इच्छा थी , अब जाकर वह समय आया हे , गोवर्धन पर्वत मथुरा रेलवे स्टेशन से लगभग २०-२२ किमी की दूरी पर हे , जाने के लिए रेलवे स्टेशन से पब्लिक (25 -30 रु) और पर्शनल (२००-३०० रु) दोनों ट्राँस्पोर्ट   आसानी से उपलब्ध हो जाते हें , गोवर्धन परिक्रमा का अपना अलग ही पौराडिक महत्व हे , कहते हें जब श्री क्रष्ण ने गोकुल वासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाया , तब ग्राम वासियों ने गिरिराज जी कि परिक्रमा की , और तब से आज तक सारे भारत वर्ष के लोग यहाँ आते हें और इस पवित्र पर्वत की परिक्रमा करते हें | पूरी परिक्रमा   21  किमी की हे , सुविधा के लिए 9 किमी कि एक छोटी परिक्रमा भी हे , श्रधालू अपने शारीरिक और मानसिक सामर्थ अनुसार कोई भी एक चुन ...