Posts

भीमकुँड - कहानी फ़ीरोजा पानी के रहस्य की

Image
भीमकुँड -                भीमकुँड बुन्देलखँड म . प्र . के छतरपुर जिले में स्थित हिन्दु धर्म क एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है । कहने को तो यह एक साधारण स कुँड है लेकिन इतिहास के गर्त के अनेक रहस्य छुपाए होने के कारण इसकी मान्यता व महिमा अद्भुत है । नारद पुराण व महाभारत काल में इस कुँड के निर्माण की मान्यताएँ आम जनों में व्याप्त हैं । ग्रामीण जनजीवन में यह कुँड भौगोलिक परिवर्तनों क भी सूचक है । Stairs toward kund from small entrance gate पौराणिक महत्व :  भीमकुँड को लेकर २ पौराणिक मानयताएँ जनमानस में काफ़ी प्रचलित हैं . इसका नाम भी इन्ही मान्यताओं के चलते पडा है । पहली महाभारत काल से सँबन्धित है जिसके अनुसार इस कुँड क निर्माण पाँडव पुत्र भीम ने अपनी गदा से किआ था जिसके कारण आज भी यह कुँड भीमकुँड के नाम से जाना जाता है । दूसरे मत के अनुसार जिसका सँबँध नारद पुराण से है विष्णु जी के कुँ...

जराय का मठ

Image
  जराय का मठ - प्रवेश द्वार की पांच शाखाएं। भव्यता और आकर्षण ऐसा कि हर कोई खिंचा चला आए। पत्थरों से बने मंदिर की अद्भुत नक्काशी आप एकटक देखते रह जाएंगे। मूर्तिकला का अचंभित कर देने वाला लावण्य सोचने पर मजबूर कर देता है कि यह किन कारीगरों ने किस काल में रचा होगा। इस जगह से परिचय कराने के लिए हम आपको लिए चलते हैं जराय का मठ ।   Sign Board on road side                                       झाँसी म ​ ऊरानीपुर रोड पर पूर्व मुखित जराए क मठ प्रतिहार कालीन वास्तुकला के गौरवशाली अध्याय क लगभग 850 ई से लगातार साक्षी बना आ रहा है ! यह मँँदिर एक ऊँची चहारदीवारी के अँदर लगभग तीन फ़ुट ऊँचे चबूतरे पर पँचरत्न शैली में निर्मित है ! मँदिर के अँदर एक गर्भग्रह , अँतराल व अर्ध टूटा द्वार आज भी स्थित है । सामन्यत ​: हिन्दू मँदिरों के गर्भग्रह वर्गाकार होते हैं लेकिन इसके विपरीत यँहा क गर्भग्रह आयताकार आकार ...