जराय का मठ
जराय का मठ - प्रवेश द्वार की पांच शाखाएं। भव्यता और आकर्षण ऐसा कि हर कोई खिंचा चला आए। पत्थरों से बने मंदिर की अद्भुत नक्काशी आप एकटक देखते रह जाएंगे। मूर्तिकला का अचंभित कर देने वाला लावण्य सोचने पर मजबूर कर देता है कि यह किन कारीगरों ने किस काल में रचा होगा। इस जगह से परिचय कराने के लिए हम आपको लिए चलते हैं जराय का मठ । Sign Board on road side झाँसी म ऊरानीपुर रोड पर पूर्व मुखित जराए क मठ प्रतिहार कालीन वास्तुकला के गौरवशाली अध्याय क लगभग 850 ई से लगातार साक्षी बना आ रहा है ! यह मँँदिर एक ऊँची चहारदीवारी के अँदर लगभग तीन फ़ुट ऊँचे चबूतरे पर पँचरत्न शैली में निर्मित है ! मँदिर के अँदर एक गर्भग्रह , अँतराल व अर्ध टूटा द्वार आज भी स्थित है । सामन्यत : हिन्दू मँदिरों के गर्भग्रह वर्गाकार होते हैं लेकिन इसके विपरीत यँहा क गर्भग्रह आयताकार आकार ...